कहानी की शुरुआत होती है एक छोटे से राज्य के राजा रविकांत के साथ। रविकांत ने राज्य को संबोधित किया और उन्होंने देखा कि राज्य में अनेक समस्याएं हैं जो समाधान की आवश्यकता है।
कहानी एक छोटे से गाँव की है, जहाँ एक आदित्यनामक युवक अपने सपनों की पुर्ति के लिए मेहनत कर रहा था। गाँव में बड़ा सामंत रहता था जिसका नाम राजेंद्र था। राजेंद्र गाँव के सभी लोगों के लिए आदर्श थे, लेकिन वह अकेले आदित्य को नकारात्मक दृष्टिकोण से देखते थे।